August 16, 2026

80वें स्वतंत्रता दिवस पर मायावती ने दीं शुभकामनाएं; बोलीं- ‘युवा शक्ति और मजबूत संवैधानिक व्यवस्था से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना’

0
mayawati
लखनऊ, 15 अगस्त: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद मायावती ने देश व दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने देश के युवाओं की आकांक्षाओं, बुनियादी सुविधाओं और संवैधानिक व्यवस्था को लेकर सरकारों को घेरा है।
बीएसपी प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता दिवस का जश्न लोग हर्षोल्लास से जरूर मनाएं, लेकिन सरकारों को यह भी याद रखना होगा कि ‘विकसित भारत’ व ‘मेरा भारत महान’ का सुनहरा सपना साकार करने की क्षमता रखने वाली युवा पीढ़ी अब सरकारों से जवाबदेही भी मांगने लगी है।
युवाओं को मिले बुनियादी सुविधाएं
मायावती ने कहा कि वर्तमान में भारत की लगभग 52 प्रतिशत आबादी 30 वर्ष से कम आयु की है। देश का यह युवा वर्ग अपना जीवन आत्म-सम्मानपूर्वक बनाने और भविष्य संवारने के लिए जबरदस्त जद्दोजहद कर रहा है। लेकिन सही फल न मिलने के कारण वह व्यवस्था में बैठे लोगों से जवाबदेही मांगने के लिए मुखर हो गया है। युवा आज बेहतर स्कूल, अस्पताल व सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए शासन-प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। इसलिए सभी सरकारों को सतर्क हो जाना ही समय की सबसे अहम मांग है।
संवैधानिक संस्थाओं में ‘चेक एण्ड बैलेन्स’ जरूरी
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संविधान में विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं के बीच ‘चेक एण्ड बैलेन्स’ की जो बेहतरीन व्यवस्था की है, उसका प्रभावी साबित होना बेहद जरूरी है। यह व्यवस्था लचर या ढुलमुल नहीं होनी चाहिए ताकि कोई भी डिक्टेट चलाने वाला निरंकुश न होने पाये और सर्वसमाज के सभी लोग सही से फलें-फूलें।
जिम्मेदारियों से न भागें सरकारें
मायावती ने देश के दलितों, शोषितों, पीड़ितों, गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारें अपने संवैधानिक दायित्वों, कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों से भागने की नई प्रवृत्ति को जितनी जल्दी बंद कर दें, उतना ही उचित होगा। सरकारों को देश व जनहित के प्रति अपनी शपथ को पहले सही से निभाकर जनता को उपदेश देने योग्य बनना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed